HIV FULL FORM

HIV(एचआईवी): Human immunodeficiency virus (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस)

HIV का मतलब है ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (Human Immunodeficiency Virus) I यह वायरस एड्स (AIDS) का कारण बनता हैI मानव शरीर कि रक्षा प्रणाली को प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम कहा जाता हैI यह प्रतिरक्षा प्रणाली कई वायरस और बैक्टीरिया से मानव शरीर को लड़ने कि क्षमता प्रदान करती है I HIV इसी प्रतिरक्षा प्रणाली कि कोशिकाओं पर हामला कर इसे कमजोर करता है I यह कोशिकाएं एक प्रकार कि श्वेत रक्त कोशिकाएं होती है जिन्हे सी डी 4 (CD4) सेल्स भी कहा जाता है

अगर वायरस को नियंत्रित करने के लिए दवा का उपयोग न किया गया तो , HIV के जीवाणु CD4 कोशिकाओं पर कब्ज़ा कर उन्हें लाखो वायरस कि प्रतियां बनाने वाली फैक्ट्री में रूपांतरित कर देते है I इस प्रक्रिया में CD4 कोशिकाएं नष्ट हो जाती है जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती जाती है I अंततः यह एड्स का रूप ले लेती हैl

एचआईवी के कई अलग अलग प्रकार है I इन्हे दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • HIV-1: यह प्रकार दुनिया भर में पाया जाता है और सबसे आम है
  • HIV-2: ज्यादातर पश्चिम अफ्रीका, एशिया और यूरोप में पाया जाता है

एचआईवी से प्रभावित किसी भी व्यक्ति के शरीर में एक समय पर एच आय वी के कई अलग प्रकार मौजूद हो सकते हैं I

(HIV) एचआईवी कैसे फैलता है?

1.) खून के द्वारा: यदि किसी HIV पीड़ित व्यक्ति का रक्त किसी नॉर्मल व्यक्ति को डोनेट किया जाता है या चढ़ाया जाता है तो ऐसे में नॉर्मल व्यक्ति के शरीर में HIV वायरस प्रवेश कर जाता है।

2.) सीमेन या वीर्य के द्वारा: यदि किसी HIV पीड़ित व्यक्ति का सीमेन किसी नार्मल स्त्री के शरीर में जाता है तो ऐसे में HIV का संक्रमण हो सकता है।

3.) स्तनपान के द्वारा: HIV पीड़ित माता के दूध में HIV वायरस मौजूद होता है। यदि HIV पीड़ित माता अपने शिशु को स्तनपान कराती है तो शिशु को HIV का संक्रमण हो जाता है।

4.) योनि या वेजाइनल तरल के द्वारा: महिलाओं की योनि में एक चिपचिपा तरल पदार्थ पाया जाता है। यदि महिला HIV पीड़ित है तो इस तरल पदार्थ में HIV वायरस मौजूद होता है। ऐसे में यदि महिला किसी पुरुष के साथ संबंध बनाती है तो उस पुरुष को भी HIV होने का ख़तरा बढ़ जाता है।

5.) असुरक्षित यौन संबंधों के द्वारा: चूँकि HIV से पीड़ित व्यक्ति के खून, सीमेन और वेजाइनल फ्लूड में HIV वायरस मौजूद होता है। ऐसे में यदि असुरक्षित यौन संबंध स्थापित किए जाएं तो HIV संक्रमण के चान्सेस बढ़ जाते हैं।

जब एचआईवी से प्रभावित लोग परामर्श अनुसार एचआईवी दवा लेते हैं और उनके संक्रमण लोड को कम करते हैं , इन तरल पदार्थों द्वारा दूसरों तक एचआईवी प्रसारित करने की संभावना कम हो जाती है। इसे एचआईवी उपचार के तहत एचआईवी रोकथाम कहते हैं। यदि एचआईवी से प्रभावित व्यक्ति एचआईवी दवा लेता है और एक बहुत ही कम संक्रमण लोड (मानक जाँचों द्वारा मापने के लिए बहुत कम) को बनाए रखता है, तो उनके वीर्य या योनि तरल पदार्थ अपने यौन साथी को HIV संक्रमण नहीं देंगे । एचआईवी फैलने का सबसे आम तरीके असुरक्षित यौन संबंध (बिना कंडोम, अन्य अवरोधक, या ट्रीटमेंट ऐस प्रिवेंशन के इस्तेमाल न करने से) , दवाओं को इंजेक्ट करने के लिए उपयोग की जाने वाली सुइयों को साझा करने से, या गर्भवती माँ-से-बच्चे को (गर्भावस्था के दौरान या स्तनपान से )।

HIV Symptoms (HIV के शुरूआती लक्षण)

HIV संक्रमण के शुरुआती लक्षण निम्‍न लिखित हैं: 

  • ठंड लगना
  • बुखार
  • कमजोरी
  • गले में खराश
  • जोड़ों में दर्द
  • पसीना
  • लाल चकत्ते और छाले

HIV Diagnosis (एचआईवी का निदान)

जहां तक एचआईवी के निदान (diagnosis) का सवाल है, कुछ ऐसे परीक्षण हैं जो डॉक्टरों को आपकी स्थिति जानने और पुष्टि करने में मदद कर सकते हैं:

आरएनए परीक्षण- RNA test:  इस परीक्षण में, डॉक्टर संक्रमण के संपर्क में आने के 10 दिनों के बाद आपके रक्त में एचआईवी वायरस की जांच करते हैं। 

एंटीजेन पी24 टेस्ट- Antigen p24 test: इस टेस्ट में, डॉक्टर आपके रक्त में p24 नामक एक प्रोटीन की तलाश करते हैं, जो वायरस का एक हिस्सा है।

एंटीबॉडी विभेदन परीक्षण- Antibody differentiation test: यह परीक्षण विभिन्न प्रकार के एचआईवी संक्रमणों के बीच अंतर करने के लिए किया जाता है।

वेस्‍टर्न ब्‍लॉट टेस्‍ट- Western blot test: यह परीक्षण आपके रक्त प्रोटीन और एचआईवी एंटीबॉडी पर फ़ोकस को अलग करता है जो एचआईवी संक्रमण का संकेत देते हैं।

एचआईवी के लिए न तो कोई टीका है और नही कोई इलाज है। एचआईवी को रोकने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप हर बार रोकथाम के तरीकों को अपनाएँ, जिसमें सुरक्षित यौन सम्बन्ध शामिल है (कम या बिना जोखिम वाली गतिविधियों को चुनना, कंडोम का उपयोग करना, यदि आप एचआईवी से प्रभावित हैं तो एचआईवी दवाओं को लें या यदि आप एचआईवी नेगेटिव हैं तो PrEP ले ) जीवाणुरहित (स्टरलाइज़्ड ) सुई का उपयोग करें।

HIV से सम्बंधित कुछ ध्यान देने योग्य बातें-

1.) HIV से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है। ऐसे में व्यक्ति को यदि किसी प्रकार की कोई मेडिकल थेरेपी न दी जाए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है और एड्स की स्टेज तक पहुँच सकती है। तो ये ज़रूरी है की HIV संक्रमित होने पर बिना झिझक डॉक्टर से परामर्श लिया जाए।

हालाँकि HIV और एड्स का कोई भी इलाज अब तक नहीं खोजा जा सका है लेकिन इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है कि पीड़ित व्यक्ति के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है। HIV से पीड़ित व्यक्ति को आशा नहीं छोड़नी चाहिए और उसे डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। अपनी समस्या को बिना झिझक डॉक्टर से बताएँ और इसका समाधान खोजने की कोशिश करें। इससे जीवन के चांसेस को बढ़ाया जा सकता हैl HIV से बचाव करना बेहद ज़रूरी है। इस बात का पूरा ख्याल रखें कि हमें HIV का संक्रमण न होने पाए इसलिए उन कारणों से बचें जो HIV को जन्म देते हैं।

2.) असुरक्षित यौन संबंधों को बिलकुल भी ना अपनाएँ क्योंकि ये बेहद घातक हो सकते हैं।

3.) किसी ऐसे व्यक्ति या महिला के साथ संभोग न करें जिसे पहले से ही HIV का संक्रमण है।

4.) एक से अधिक पार्टनर के साथ संभोग ना करें। इससे भी इंफेक्शन का ख़तरा बढ़ जाता है।

5.) संभोग करने से पहले पर्सनल हाइजीन पर ध्यान दें तथा अपने हाथों तथा प्राइवेट पार्ट्स को साफ़ रखें। संभोग करने के बाद भी अपने प्राइवेट पार्ट्स को पानी से धो लें ताकि किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन के ख़तरे को कम किया जा सके।

6.) संभोग के दौरान कॉन्डम का प्रयोग अवश्य करें।

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