AC Full Form – AC का फुल फॉर्म क्या है ?

दोस्तों इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि  AC  क्या है और AC का फुल फॉर्म क्या होता है , AC  क्या काम करता है ? , AC कितने प्रकार के होते हैं   और आखरी में बात करेंगे कि AC इस्तेमाल करने  के क्या-क्या फायदे हैं और क्या-क्या नुकसान है  इस आर्टिकल में आपको AC  से संबंधित  संपूर्ण ज्ञान मिलेगा वह भी सरल और आसान भाषा में  जिसे पढ़ने के बाद आप आसानी से समझ सकते हैं लेकिन दोस्तों आप इस आर्टिकल को लास्ट तक पड़े तभी आपको AC  के फुल फॉर्म के बारे में पता चलेगा तो  बने रहिए  हमारे साथ लास्ट तक और चलिए जानते हैं

AC क्या होता है

Air Conditioner (AC) एक  electric प्रणाली है हवा को फ़िल्टर भी करता है Air Conditioner (AC) से हवा शुद्ध रूप लें लेती है और हानिकारक कण भी बाहर निकल जाते है। AC की क्षमता को माप के लिए  BTU (British Thermal Unit) का प्रयोग जाता है।  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  Air Conditioner का   खोज  1902 में विल्स हाविलैंड करियर (Willis Haviland Carrier) ने किया था। AC (Air Conditioner) के 2 अलग-अलग भाग होते है। एक भाग घर के अंदर  लगता है जबकि दूसरा भाग कमरे के बाहर रहता है। AC का  बाहर वाला भाग  ठंडी हवा को अंदर लाने का काम करता है और  AC का अंदर वाला भाग  कमरे के अंदर गर्म हवा को बाहर ले जाने का काम करता है  अब चलिए  विस्तार से जानते हैं कि AC का फुल फॉर्म (full form) क्या होता है 

AC Full Form – AC का फुल फॉर्म क्या है ?

AC  का Full Form है एयर कंडीशनर (Air Conditioner)  और AC को हिंदी में शीत ताप नियंत्रण  करने वाला  कहा जाता  हैं। AC एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है और  हम आपको जानकारी के लिए बता दें कि इसका  अधिकतर प्रयोग गर्मियों में कमरों के  temperature  को ठंडा करने के लिए किया जाता है। अब चलिए  आगे  विस्तार से जानते हैं कि AC (Air Conditioner)  क्या काम करता है ?

AC (Air Conditioner) क्या काम करता है ?

 हम आपको बता दें कि AC एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन  होती है और इसका  प्रमुख  काम हवा को ठंडा करना होता है।  गर्मी के दिन में ऐसी काल ज्यादा प्रयोग किया जाता है  अगर आपका  room temperature गर्म है तो AC चलाते ही  आपका   कमरा थोड़ी ही देर में ठंडा हो जाता है। इसके साथ हम आपको बता दें कि ऐसी आपके घर में आने वाली हवा को फिल्टर  करके उसे साफ हवा  बना देता है    जिसके वजह से  खराब और विषैली हवा कमरे के बाहर चली जाती है और साफ हवा अंदर आती है  इस प्रकार से हम कह सकते हैं कि AC एक ऐसी चीज है जो हमारे जिंदगी में काफी मदद करती है  और हमारे कमरे के हवा को शुद्ध करने  के साथ ठंडा करने में मदद करती है। अब चलिए  आगे  विस्तार से जानते हैं कि AC (Air Conditioner) के कितने प्रकार होते हैं 

AC 2 प्रकार का होता है जिसकी जानकारी हम निम्नलिखित दे रहे हैं-

1 SPLIT एसी –

आजकल  के समय में  इस तरह के AC बहुत अधिक प्रसिद्ध हो रहे हैं क्योंकि इसको लगाने से घर के  गर्मी की समस्या खत्म हो जाती है  इसमें  2 भाग होते हैं  एक घर के बाहर  लगाया जाता है और एक घर के  भीतर, जानकारी  के लिए हम आपको  बता दे  कि स्प्लिट एसी बड़ी-बड़ी कंपनियो और ऑफिस वगैरह में भारी पैमाने  के लिए प्रयोग किए जाते हैं।  

2 WINDOW एसी-

विंडो एसी  इस प्रकार की ऐसी को घर के  खिड़की पर  लगाया जाता  है और इसका हिस्सा आधा खिड़की के बाहर  होता है और आधा खिड़की के  अंदर होता है।  आप  यह भी जान लीजिए कि अगर आपके  घर के कमरे में  कोई खिड़की नहीं है तो आप  इसका प्रयोग  नहीं  कर सकते हैं

AC इस्तेमाल करने के क्या फायदे और क्या नुकसान हैं।

ऐसे तो ऐसी के बहुत सारे फायदे और नुकसान है लेकिन हम  कुछ ऐसे फायदे और नुकसान के बारे में बात करेंगे जो  अत्यधिक महत्वपूर्ण और जरूरी है  तो चलिए जानते हैं कि  अपने घर में AC (air conditioner) लगाने के फायदे और नुकसान क्या क्या हो सकते हैं

AC इस्तेमाल करने के क्या फायदे हैं-

AC वायु की गुणवत्ता में सुधार करता है

 यह तो हम लोग जानते ही हैं कि शुद्ध वायु अपने आप में सब रोगो की एक दवा  मानी जाती   है  लेकिन गर्मी के मौसम में कांक्रेटाइजेशन होता है। जिससे सीमेंट  से  दिवाले कुछ गैसे छोडती है जो  घर के कमरों की हवा को प्रदूषित कर पर्यावरण के साथ-साथ मानव  के स्वास्थ्य के लिए भी  बहुत ही हानिकारक होती है

AC (air conditioner) इनडोर वायु गुणवत्ता में काफी सुधार  करने में मदद करता  हैं और AC (air conditioner) अधिक स्वस्थ वातावरण बना सकते हैं। इसका कारण यह है कि वे पर्यावरण में मौजूद  धूल कण , पराग, और अन्य एलर्जी को बाहर निकलने में सक्षम हैं। आर्द्रता को कम करके, AC (air conditioner) मोल्ड  और फफूंदी की वृद्धि को रोकते है तथा  oxygen को भी प्रदूषण से मुक्त करते हैं

AC अस्थमा और एलर्जी को कम करने में मदद करता है

AC  ( एयर कंडीशनर) हवा की स्थिति  filter करने के साथ-साथ उस हवा को  कीटाणु से मुक्त  करने में मदद करते है जिसे हम आसानी से सांस लेते हैं। 

यह धूल  और पराग को हटाकर अस्थमा के हमलों और एलर्जी के जोखिम को कम करने में मदद करता है, और  फफूंदी और मोल्ड  के विकास को भी रोकता है। मोल्ड के संपर्क में आना मुख्य कारकों में से एक है जो अस्थमा के एलर्जी, हमलों,  प्रतिक्रियाओं और अन्य  बहुत सारे श्वसन रोगों के जोखिम को बढ़ाता है। तथ्य यह है कि हम AC (air conditioner) का उपयोग करते समय अपनी खिड़कियां बंद करते हैं,  बैक्टीरिया, पर्यावरण एलर्जी,  और धूल के  घर के अंदर प्रवेश  करने से  रोकने में मदद करता है।

AC इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हैं-

 ऐसी के AC (  तो बहुत सारे नुकसान है लेकिन हम कुछ प्रमुख नुकसान के बारे में बात करेंगे जिसे  आपको नहीं करना चाहिए  एसी का आपको लिमिटेड उपयोग करना चाहिए  AC  को 9 घंटे से ज्यादा उपयोग ना करें  और अपने AC को हफ्ते में एक बार सफाई जरूर करें 

त्वचा का सूखापन

 अगर आप ऐसी वाले कमरे में रहते हैं। तो आप  कोशिश करें कि ऐसी वाले कमरे में 20 घंटे से ज्यादा ना रहे  क्योंकि अगर इससे ज्यादा रहेंगे तो आपके  त्वचा सुखी हो सकती है यह की  सूखापन और  जलन भी पैदा कर सकता है।

AC से श्वसन संबंधी समस्याओं का बढ़ना

 अगर आप AC में रहते हैं  और आपको ऐसे में रहने की आदत है  और जब भी तापमान में अचानक परिवर्तन आएगा तो जब आप  ऐसी वाले कमरे से बाहर निकलेंगे तो आपको  चक्कर  जैसी परेशानियां आ सकती है ,  इसीलिए आप कोशिश करें कि AC में कम से कम रहे  नहीं तो अगर आप  अचानक रोड पर बाहर  निकलेंगे  तो  आप चक्कर से गिर सकते हैं 

Conclusion (निष्कर्ष) 

दोस्तों इस आर्टिकल में  हमने जाना है कि  AC  क्या है और AC का फुल फॉर्म क्या होता है , AC  क्या काम करता है ? , AC कितने प्रकार के होते हैं   और आखरी में  हम लोग जाने हैं कि  AC इस्तेमाल करने  के क्या-क्या फायदे हैं और क्या-क्या नुकसान है हमें उम्मीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आप इस  आर्टिकल कॉल लास्ट तक जरूर पढ़े होंगे  अगर आपको हमारे यहां आर्टिकल पसंद आया है तो  आप हमें कमेंट में बता कर हमारा  उत्साह को बढ़ा सकते हैं लेकिन अगर आपको हमारा यह आर्टिकल में  कोई ऐसी बात है जो आपको समझ में नहीं आई है तो हमें कमेंट  बॉक्स में  बता दे  ताकि हम  आपकी मदद  कर सके |

अन्य पढ़े –

ECG FULL FORM

LIC FULL FORM
CHSL FULL FORM